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Immerse Yourself in Power of Om Namah Shivay
I bow to the highest form of spirit

Om Namah Shivay – the most miraculous mantra is the most ancie

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लाल महेंद्र शिव शक्ति सेवा आश्रम (Om Namah Shivay – Ashram) की Video Gallery में आ

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मै बनवारी लाल उम्र 45 साल, पिछले 5 साल से ॐ नमः शिवाय से जुड़ा

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ॐ नमः शिवाय आश्रम में सभी प्रकार के कष्टों का निवारण ॐ नमः शिवाय के जप और परम पूज्य गुरूजी की सेवा से होता है । अगर आप भी किसी बीमारी या परेसानी से परेशान है तो ॐ नमः शिवाय जरूर आएं ॐ नमः शिवाय में आप का हृदय से स्वागत है । अधिक जानकारी के लिए youtube.com/onslko or onslko.org – पर देखें 
हमारे गुरुदेव भगवान प्रत्येक शनिवार, रविवार जयपाल खेड़ा गोमती नगर ‘ॐ नमः शिवाय ‘ आश्रम लखनऊ में गरीब असहायों की सेवा करते है। उनके नाना प्रकार के कष्ट व दुखों को दूर करते हैं।
प्रत्येक मंगलवार को कानपुर में रामादेवी चौराहे से सनिगवॉ रोड, काशीराम आवास योजना के बगल में ‘ ॐ नमः शिवाय ‘ आश्रम  में प्रत्येक मंगलवार देखने में एक्यूप्रेशर पद्धति लेकिन कृपा भोलेनाथ के माध्यम से नाना प्रकार की बीमारी व कष्ट को दूर करते हैं।
प्रत्येक बृहस्पतिवार को इलाहाबाद गऊघाट ई.सी.सी. कॉलेज के पीछे एक्यूप्रेशर पद्धति के माध्यम से जो देखने में लगता है लेकिन कृपा भोलेनाथ की होती है, जिससे नाना प्रकार की बीमारी व कष्ट को दूर करते है।

 

 

 

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Immerse Yourself in Power of Om Namah Shivay I bow to the highest form of spirit Om Namah Shivay – the most miraculous mantra is the most ancient […]

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लाल महेंद्र शिव शक्ति सेवा आश्रम (Om Namah Shivay – Ashram) की Video Gallery में आप सभी का स्वागत हैं. जाने आश्रम और भक्तों के अनुभव के बारे में…

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मै बनवारी लाल उम्र 45 साल, पिछले 5 साल से ॐ नमः शिवाय से जुड़ा हूँ. मेरा लीवर ख़राब हो गया था काफी इलाज करने के बाद भी […]

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परमपूज्य गुरुदेव भगवान का जीवन परिचय

हमारे गुरुदेव भगवान का जन्म ढोकरी स्टेट कोटवा कोर्ट राजपरिवार में 10 अगस्त 1958 को हुआ था. हमारे गुरुदेव भगवान के पिता श्री लाल महेन्द्रप्रताप सिंह उर्फ़ लाल साहब व माता का नाम लाल मोती देवी है ।

पिता बचपन में ही स्वर्ग सिधार गये । माता श्री की छत्र छाया आज भी बनी हुई है. हमारे गुरुदेव भगवान के बाबा का नाम राजा शिवपाल सिंह था जो विश्व प्रसिद्ध थे जिन्होंने बबूल का पेड़ उखाड़ कर फेक दिया था, उन्ही के पनत हमारे गुरुदेव भगवान है. जैसा कि मुझे ज्ञात है हमारे गुरुदेव भगवान बचपन से ही गरीबों की मदद करते थे, उनके मुखारबिन्दु से सुना हूँ स्कूल जाते समय उनको जेब खर्च मिलता था उस जेब खर्च को बचाते हुए एल्युमीनियम का कलछुल , भगोना और पलटा तथा मिटटी के तेल से चलने वाला स्टोव खरीदा ।

घर से चावल दाल लेकर कभी खिचड़ी बनाते कभी तहरी बनाते थे । उनके साथ जितने गरीब बच्चे स्कूल पढ़ने जाते थे सबको खिचड़ी या तेहरी खिलाते थे । गरीब बच्चों के लिए जाड़े का स्वेटर और वस्त्र की व्यवस्था भी करते थे | बचपन से ही गरीब बच्चों के प्रति उनका लगाव था। पढाई के साथ -2 हर समय समाज सेवा में लगे रहते थे। उसी दरम्यान एक्यूप्रेशर की पढ़ायी भी करने लगे। जब एक्यूप्रेशर का ज्ञान प्राप्त हो गया तो घर में जब बच्चे बीमार होते थे तो एक्यूप्रेशर से उनका इलाज कर देते थे, बच्चे ठीक हो जाते थे धीरे-2 इन बातों को नाते-रिश्तेदार भी जानने लगे । जब कोई भी नाते-रिश्तेदार बीमार होता तो वह भी आने लगा और गुरुदेव- भगवान से एक्यूप्रेशर से इलाज करवाकर ठीक होने लगा। इसका देखा- देखी बड़े-2 जज व अधिकारी भी आने लगे और अपना इलाज करवाकर सब ठीक होने लगे..

इसी दरम्यान गुरुदेव भगवान के साथ चमत्कार हुआ । बाबा इलाहाबाद आश्रम में बैठे थे, बनारस से एक व्यक्ति आये वो कहने लगे कि बाबा हमारे घर चलिए मेरे बाग में बहुत सुन्दर- स्वादिष्ट लँगड़े आम का पेड़ है, आप चलकर मेरे साथ उस लँगड़े आम का सेवन करें । हमारे गुरुदेव भगवान लँगड़े आम के बहुत बड़े शौकीन है, हमारे गुरुदेव भगवान उस व्यक्ति के साथ बनारस चले गये । और बाग में बैठकर आम खाना शुरू करने वाले ही थे कि तभी 10 -20 लोगों का झुण्ड आ गया उन लोगों को मालूम था कि गुरुदेव भगवान को एक्यूप्रेशर की विधा मालूम है उस विधा के माध्यम से हमारा इलाज कर देंगे और हम ठीक हो जायेंगे ।

गुरुदेव भगवान से बार-2 सभी लोग आग्रह करने लगे । गुरुदेव भगवान उनकी बातों को सुनकर एक्यूप्रेशर विधि से उनका इलाज कर दिये सब लोग इलाज कराने बाद चले गये । जैसे ही गुरुदेव भगवान आम खाने की तैयारी किये ठीक उसी समय एक बूढ़ा व्यक्ति एक 8 वर्ष के बच्चे को लेकर आ गया, बूढ़ा व्यक्ति गुरुदेव भगवान से कहने लगा मेरा बच्चा गूँगा है, गुरुदेव भगवान इसका इलाज कर दीजिये ये भी बोलने लगे । मेरे गुरुदेव भगवान ने कहा, हे बाबा आप जाओ, मैं एक्यूप्रेशर पद्धति से इलाज करता हूँ और एक्यूप्रेशर से गूँगा नहीं बोलता । वह बूढ़ा बाबा गुरुदेव भगवान से बार-2 आग्रह करने लगा कि हमारे बच्चे को छू दीजिये । गुरुदेव भगवान बोलें हमारे छूने से बच्चा नहीं ठीक होगा।गुरुदेव भगवान को आम खाने में देरी हो रही थी तो गुरुदेव भगवान उसको हटाने के लिए कहे कि तुम 40 बार इलाहाबाद आओ हो सकता है तेरा गूँगा बालक बोल जाये । बूढ़ा बाबा कहा कि मैं 40 बार नहीं 400 बार आऊंगा गुरुदेव भगवान, मेरा बच्चा बोल जाए । गुरुदेव भगवान बेमन से एक्यूप्रेशर विधि से उसका इलाज कर दिये । बूढ़े बाबा गूँगे बच्चे को लेकर कुछ दूर चले गये 15 मिनट बाद बूढ़े बाबा दौड़ते हुए आये व कहने लगे गुरुदेव भगवान-2 हमारा बच्चा बोलने लगा । गुरुदेव भगवान को विश्वास नहीं हुआ उस बूढ़े बाबा के ऊपर हमारे गुरुदेव भगवान नाराज हो गये क्योंकि वह आम खाने में बाधा डाल रहा था ।

हमारे गुरुदेव भगवान बोले तेरा दिमाग खराब हो गया है कहीं मेरे छूने से गूँगा बोलता है । वह बूढ़ा बोला नहीं गुरुदेव भगवान मेरा बच्चा बोल रहा है और वह बूढ़ा अपने बच्चे का हाथ घसीटता हुआ ले आया वह बच्चा अपने पापा से कहने लगा बाबू चला घरे जैसे ही हमारे गुरुदेव भगवान उसके मुख से वाणी सुने आश्चर्य चकित रह गये ।

हमारे गुरुदेव भगवान उस बालक से पूछे बेटा तुम्हारा नाम क्या है ? तो वह बालक बोला क्या तुम मेरा नाम नहीं जानते ।

मेरे गुरुदेव भगवान कहे नहीं बेटा मैं तेरा नाम नहीं जानता । तुम अपना नाम बताओ वो बालक हँसने लगा और कहा ‘ मेरा नाम भोलेनाथ ’ है । हमारे गुरुदेव भगवान आँखे बन्द कर लिए और रोने लगे जैसे ही आँसू की धारा बही साक्षात् भोलेनाथ का दर्शन प्राप्त किया । वहीँ से गरीबों की सेवा प्रारम्भ की । यह घटना 33 वर्ष पूर्व जून- 1983 की है ।

इसके अतिरिक्त हमारे गुरुदेव भगवान का बचपन भी अचरज भरा था जैसा कि माता जी के मालूम हुआ कि गाँव में एक सांड था जो कि लोगों को मार-2 कर जीवन समाप्त कर देता था । एकबार गाँव के एक बूढ़े व्यक्ति को खदेड़ लिया हमारे गुरुदेव भगवान उस समय 5 वर्ष के थे वो सांड के आगे जाकर लेट गये, सांड वही पर रुक गया और बूढ़े बाबा की जान बच गयी । इसके अलावा बचपन में ही हमारे गुरुदेव भगवान एक कोबरा साँप को पकडकर लपेट लिए सारे लोग रोने-चिल्लाने लगे । हमारे गुरुदेव भगवान को साँप ने कुछ नहीं किया उन्होंने उसको छोड़ दिया और वह चला गया ।

आज 33 वर्ष से हमारे गुरुदेव भगवान उसी एक्यूप्रेशर पद्धति से इलाज करते है लेकिन उसी एक्यूप्रेशर में भोलेनाथ की शक्तियाँ हैं । हमारे गुरुदेव भगवान के कोई गुरु नहीं हैं, हमारे गुरुदेव भगवान भोलेनाथ को ही अपना गुरु मानते हैं और उन्हीं का स्मरण करके एक्यूप्रेशर विधि से लोगों का इलाज करते हैं इससे चमत्कारिक रूप से लोगों को फायदा हो रहा है । हमारे गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से हजारों लोगों को बच्चे हो गये । असाध्य से असाध्य कष्ट दूर हो गये मैं ऐसे गुरुदेव भगवान को कोटि-2 सहस्त्र कोटि नमन करता हूँ ।

 

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